Sunday, May 28, 2017

15 january 2017, patrika, bhopal, mp


सरकार की सर्वोच्च्त शक्तिशाली संस्था कैबिनेट है, लेकिन जब अफसरशाही कैबिनेट को भी अनदेखा कर दे तो...? इस खबर में चंद एेसे ही उदाहरण दिए, जिनमें कैबिनेट के निर्णयों को अफसरशाही ने अनदेखा और अनसुना कर दिया। बरसों-बरस बीत गए, लेकिन अफसरों ने कैबिनेट निर्णयों को अमल में लाने की जहमत नहीं उठाई। पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच तो कहती है कि एेसी घोर लापरवाही करने वाले अफसरों पर जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होनी चाहिए। भला अफसर कैबिनेट के निर्णय नहीं मानेंगे, तो फिर किसके मानेंगे...? खैर, अब किसे कौन समझाएं। फिलहाल पढिए...

05 january 2017, patrika, bhopal, mp


दवा में घोटाले हिन्दुस्तान के दिल में आम थे, लेकिन इस बार घोटालों का नया खेल सामने आया। सरकार ने पहले टेंडर निकाले, फिर टेंडर चयनित करें, लेकिन जब आर्डर देने की बात आई तो उन कंपनियों को ठेका थमा दिया जिन्होंने न तो आवेदन किया और न चयनित हुए। चयन इसका और ठेका उसका... यह खेल यूं खेला गया कि करोड़ों के वारे-न्यारे धन्नासेठों के हो गए। तीन जिलों में एेसे मामले सामने आए। तथ्यपरक रिपोर्ट दी, तो प्रशासन में खूब हडकंप मचा। पढिए...



23 april 2017, patrika, bhopal, mp

मोदी सरकार ने जब पूरे देश में लालबत्ती बैन की, तो प्रदेश के हाल हमने जानें। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बत्ती उतारी। मंत्रीगण ने भी उतारी, लेकिन हमने बताए उन दिलों के हाल जिन्हें बत्ती मिले अभी छह महीने भी नहीं हुए थे। इनमें एक की लालबत्ती तय पहले हुई, लेकिन आदेश बत्ती पर प्रतिबंध के बाद आए। इनके दिलों की दास्तां...





नर्मदा में अवैध खनन का मुद्दा खूब गूंजा। पीएम नरेंद्र मोदी जब नर्मदा सेवा यात्रा के समापन के लिए आने वाले थे तो उसी दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान नर्मदा में खनन के लिए वैज्ञानिकों से अध्ययन का रोडमैप तैयार कर रहे थे। इसी रोडमैप को ब्रेक किया।