15 january 2017, patrika, bhopal, mp
सरकार की सर्वोच्च्त शक्तिशाली संस्था कैबिनेट है, लेकिन जब अफसरशाही कैबिनेट को भी अनदेखा कर दे तो...? इस खबर में चंद एेसे ही उदाहरण दिए, जिनमें कैबिनेट के निर्णयों को अफसरशाही ने अनदेखा और अनसुना कर दिया। बरसों-बरस बीत गए, लेकिन अफसरों ने कैबिनेट निर्णयों को अमल में लाने की जहमत नहीं उठाई। पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच तो कहती है कि एेसी घोर लापरवाही करने वाले अफसरों पर जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होनी चाहिए। भला अफसर कैबिनेट के निर्णय नहीं मानेंगे, तो फिर किसके मानेंगे...? खैर, अब किसे कौन समझाएं। फिलहाल पढिए...
सरकार की सर्वोच्च्त शक्तिशाली संस्था कैबिनेट है, लेकिन जब अफसरशाही कैबिनेट को भी अनदेखा कर दे तो...? इस खबर में चंद एेसे ही उदाहरण दिए, जिनमें कैबिनेट के निर्णयों को अफसरशाही ने अनदेखा और अनसुना कर दिया। बरसों-बरस बीत गए, लेकिन अफसरों ने कैबिनेट निर्णयों को अमल में लाने की जहमत नहीं उठाई। पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच तो कहती है कि एेसी घोर लापरवाही करने वाले अफसरों पर जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होनी चाहिए। भला अफसर कैबिनेट के निर्णय नहीं मानेंगे, तो फिर किसके मानेंगे...? खैर, अब किसे कौन समझाएं। फिलहाल पढिए...





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