Sunday, May 6, 2018



मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीलंका में सीता माता मंदिर को भव्य बनाना तय किया, लेकिन मामला आगे ही नहीं बढ़ा। एक करोड़ दिए, चक्कर काटे, लेकिन केंद्र ने ही श्रीलंका के हालात देखकर कह दिया अभी चुप बैठो। 





शिक्षा में बड़ा बदलाव....






मध्यप्रदेश अजब है, सबसे गजब है....

देखिए शौचालय घोटाला... यहां मृतकों के नाम पर भी शौचालय मंजूर कर दिए गए। बाद में सरकार ने पकड़ा तो रद्द किए। पढि़ए स्पेशल स्टोरी...

दिग्विजयी धमाके...

कांग्रेसी दिग्गज दिग्विजय सिंह नर्मदा यात्रा पूरी कर आए। ३१०० किलोमीटर पैदल चले, अब कांग्रेस और भाजपा दोनों में खलबली है कि दिग्विजय क्या करामत दिखाएंगे। दिग्विजय की नर्मदा यात्रा के दस्तावेज तैयार हैं। सोशल साइंटिस्ट से अध्ययन कराया जा रहा है। देखिए, आगे क्या धमाके करते हैं।


नर्मदा पर बदला फार्मूला...

ये आसान राह नहीं है, लेकिन मध्यप्रदेश की अफसरशाही एेसी करामती है कि सब कर सकती है। २०१७ तक मध्यप्रदेश अपने हिस्से का नर्मदा का पानी उपयोग करने में बरसों पीछे था। हाल एेसे लगते थे कि आने वाले दस साल भी नर्मदा जल का उपयोग करने के हालात नहीं बनेंगे, लेकिन करामती अफसरीशाही ने सीएम साहब को जंचा दिया। बांध बनाने की बजाए पाइपलाइन डालेंगे, उस पर कमाल एेसा कि २०२२ में ही पूरा पानी उपयोग करने लगेंगे। देखिए, अब आगे-आगे...। फिलहाल तो खबर पढि़ए। 


चुनावी बिजली...

विधानसभा चुनाव है, इसलिए बिजली के करंट से छूट, लेकिन लागत का रोना रोने वालों ने अब लागत कम होने पर बिजली सस्ती नहीं की। हर बार लागत बढऩा बताकर दाम जरूर बढ़ा देते हैं। सरकार भी बिजली सस्ती करने के वादे करके भूल गई।




व्यापमं जैसा घोटाला...

जी हां, मध्यप्रदेश में जो हो जाए कम है... ताजा बानगी आयुष में प्रवेश की है। इसमें व्यापमं जैसा घोटाला हुआ। निजी विश्वविद्यालयों और निजी कॉलेजों ने अपने स्तर पर प्रवेश दे दिए। राज्य की काउंसलिंग धरी रह गई। उस पर सांठ-गांठ का खेल एेसा कि सब चल रहा है। जय हो मध्यप्रदेश।